क्या आप स्वामी विवेकानंद के उन प्रसिद्ध किस्सों के बारे में जानना चाहेंगे जब उन्होंने विदेशियों को अपनी बुद्धि और हाजिरजवाबी से प्रभावित किया था?
स्वामी विवेकानंद अपनी कुशाग्र बुद्धि (Sharp Intelligence) और हाजिरजवाबी के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध थे। विदेश में रहते हुए कई बार लोगों ने उनका मजाक उड़ाने की कोशिश की, लेकिन स्वामी जी ने अपने जवाबों से उनका दिल जीत लिया।
यहाँ उनके जीवन के कुछ मशहूर और प्रेरणादायक किस्से हैं:
1. भगवद गीता और किताबों का ढेर
एक बार एक विदेशी विद्वान ने स्वामी जी को चिढ़ाने के लिए दुनिया के विभिन्न धर्मों की किताबों को एक के ऊपर एक रखा। उसने सबसे नीचे 'श्रीमद्भगवद गीता' को रखा और सबसे ऊपर अपनी धार्मिक पुस्तक।
उसने हंसते हुए कहा, "स्वामी जी, देखिए आपकी गीता सबसे नीचे दब गई है।" स्वामी जी मुस्कुराए और बोले, "महोदय, आधार (नींव) हमेशा सबसे नीचे ही होता है। अगर मैं इस सबसे नीचे वाली किताब (गीता) को निकाल लूं, तो ऊपर की ये सारी इमारत गिर जाएगी।" यह सुनकर वह व्यक्ति निरुत्तर हो गया।
2. "आप जेंटलमैन (सभ्य) क्यों नहीं दिखते?"
जब स्वामी विवेकानंद विदेश में थे, तो वे अपनी साधारण भगवा पोशाक और पगड़ी पहनते थे। एक अंग्रेज ने उनके कपड़ों को देखकर मजाक में कहा, "क्या आप 'जेंटलमैन' नहीं बन सकते? आपके कपड़े तो बिल्कुल सभ्य नहीं हैं।"
स्वामी जी ने शालीनता से जवाब दिया:
"आपके देश में एक 'दर्जी' (Tailor) इंसान को जेंटलमैन बनाता है, लेकिन मेरे देश में इंसान का 'चरित्र' (Character) उसे महान और सभ्य बनाता है।"
3. 'मदर' (माँ) कहने का जादू
एक बार एक विदेशी महिला स्वामी जी के व्यक्तित्व और ज्ञान से इतनी प्रभावित हुई कि उसने उनके सामने शादी का प्रस्ताव रख दिया। उसने कहा, "मैं आपसे शादी करना चाहती हूँ ताकि मुझे आपके जैसा ही तेजस्वी पुत्र प्राप्त हो।"
स्वामी जी ने तुरंत उनके पैर छुए और कहा, "देवी! आप मुझे ही अपना पुत्र मान लीजिए। इस तरह आपको मुझ जैसा पुत्र भी मिल जाएगा और मेरा संन्यास धर्म भी नहीं टूटेगा।" वह महिला स्वामी जी की इस महानता को देखकर दंग रह गई।
4. जब बंदरों ने पीछा किया
वाराणसी का एक प्रसिद्ध किस्सा है। एक बार स्वामी जी कहीं जा रहे थे और बंदरों के एक झुंड ने उनका पीछा करना शुरू कर दिया। स्वामी जी डरकर भागने लगे, तो बंदर और भी पीछे पड़ गए।
तभी पास खड़े एक वृद्ध सन्यासी ने चिल्लाकर कहा, "भागो मत, रुको और उनका सामना करो!" स्वामी जी तुरंत रुके और पलटकर बंदरों की आँखों में आँखें डालकर खड़े हो गए। बंदर डरकर भाग गए। इस घटना से उन्होंने सीख दी कि विपत्तियों से भागने के बजाय उनका डटकर सामना करना चाहिए।
स्वामी जी के जीवन की कुछ और रोचक बातें:
फोटोग्राफिक मेमोरी: वे एक किताब को एक बार पढ़ लेते थे, तो उन्हें उसका हर पन्ना याद हो जाता था।
एकाग्रता (Concentration): एक बार वे नदी किनारे पढ़ाई कर रहे थे और पास से एक बारात निकल गई, लेकिन उन्हें पता भी नहीं चला क्योंकि वे पढ़ाई में पूरी तरह डूबे हुए थे।
स्वामी विवेकानंद का जीवन हमें सिखाता है कि बुद्धि और विनम्रता का मेल किसी भी चुनौती को हरा सकता है।
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